आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया है। यह कार्रवाई साहिबाबाद थाने में दर्ज करीब आठ साल पुराने मामले में हुई है। कोर्ट में लगातार पेशी से अनुपस्थित रहने को लेकर यह आदेश जारी किया गया है।
2018 के थप्पड़ मारने के मामले में कार्रवाई
मामला वर्ष 2018 का है। शिकायतकर्ता धर्मेंद्र ने आरोप लगाया था कि एक शादी समारोह के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने एक युवक को थप्पड़ मारा था। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 305 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता भजन लाल गौतम के मुताबिक, चंद्रशेखर को अदालत की ओर से कई बार समन जारी किए गए, लेकिन वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। गुरुवार को भी सुनवाई के दौरान उनकी गैरमौजूदगी के बाद अदालत ने NBW जारी कर दिया।
कुर्की की मांग भी कोर्ट में दी गई
अधिवक्ता भजन लाल गौतम ने बताया कि चंद्रशेखर की लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की कार्रवाई हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि संपत्ति की कुर्की के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है। फिलहाल मामले में कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। चंद्रशेखर आजाद की ओर से इस आदेश या आरोपों पर कोई पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
2027 चुनाव को लेकर भी सक्रिय हैं चंद्रशेखर
NBW की कार्रवाई के बीच चंद्रशेखर आजाद हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने संभल के चंदौसी स्थित मौलागढ़ मैदान में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया था। कार्यक्रम में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए चंदौसी विधानसभा सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में अपील की थी। उन्होंने सरकार बनने की स्थिति में गरीबों के लिए समान शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बात कही। साथ ही सरकारी स्कूलों में अफसरों और गरीब परिवारों के बच्चों के साथ पढ़ने की व्यवस्था, पुलिस भर्ती, आठ घंटे की ड्यूटी, जाति जनगणना और न्यूनतम मजदूरी 765 रुपये करने जैसे वादों का भी उल्लेख किया था।
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