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“मुझे बचा लो!” दुबई से रो-रोकर मदद की गुहार लगा रही रांची की मोनिका, अरबी कागजों पर दस्तखत करा रची बड़ी साजिश!

झारखंड के रांची की रहने वाली 37 वर्षीय मोनिका कच्छप को विदेश में अच्छी नौकरी का झांसा देकर दुबई में बंधक बना लिया गया है। बुंडू से साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स करने वाली मोनिका परिवार की गरीबी दूर करने के लिए विदेश गई थी, लेकिन वहां मानव तस्करों के चंगुल में फंस गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी बेटी की सुरक्षित वतन वापसी के लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगा रहे हैं। इस मामले में रांची के एयरपोर्ट थाने में 29 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

फर्जी एजेंसी के झांसे में आकर दिल्ली से गई थी शारजाह

छोटा घाघरा निवासी पीड़िता के पिता रतना कच्छप की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। मोनिका ऑनलाइन माध्यम से ‘AMD Trend Solution LLC’ नामक एजेंसी और उसकी एजेंट प्रियंका के संपर्क में आई थी। मुफ्त रहने-खाने और अच्छी नौकरी का लालच देकर एजेंट ने 22 अप्रैल 2026 को फोनपे के जरिए ₹5,000 ट्रांसफर करवाए। इसके बाद 5 मई 2026 को मोनिका को दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह भेज दिया गया।

पासपोर्ट जब्त कर जबरन अरबी दस्तावेजों पर कराए दस्तखत

शारजाह पहुंचते ही 6 मई को ड्राइवर ने मोनिका का ओरिजिनल पासपोर्ट छीन लिया। अगले दिन 7 मई को उसे अजमान के दफ्तर ले जाया गया, जहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के व्यक्तियों ने अरबी भाषा के दस्तावेजों पर जबरन उसके दस्तखत और अंगूठे के निशान ले लिए। उसका मोबाइल फोन लेकर वॉट्सऐप चैट भी डिलीट कर दी गई और उस पर 2,600 दिरहम (लगभग 3.5 लाख रुपये) का फर्जी कर्ज बताकर जेल भेजने की धमकी दी गई।

घरों में कराया गया बर्तन-पोछे का काम, अब मांगी जा रही फिरौती

पीड़िता की मां रेखा कच्छप के अनुसार, मोनिका को करीब एक महीने तक बंधक रखकर झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करने का काम कराया गया। 22 जून के बाद से उसे बिना वैध वर्क परमिट के अलग-अलग घरों में काम के लिए भेजा गया, जहां भाषा न जानने के कारण उसे मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। अब आरोपी उसे छोड़ने के बदले 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। फोन पर रो-रोकर आपबीती सुनाते हुए मोनिका मदद की गुहार लगा रही है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, विदेश मंत्रालय से लगाई गई गुहार

मामला ग्राम सभा के सामने आने के बाद परिजन हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और एजेंसी प्रबंधकों के खिलाफ मानव तस्करी, धोखाधड़ी, बंधक बनाने और रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने रांची के उपायुक्त से भी मुलाकात की है और मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय को भेज दी गई है। ग्रामीण सरकार से जल्द कूटनीतिक प्रयास कर मोनिका को वापस लाने की अपील कर रहे हैं।

 

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