हरियाणा के जिंद के एक मिडिल क्लास किसान परिवार से निकलकर भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनीं नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में देश का नाम रोशन किया है। 26 साल की नीरू ने ट्रैप शूटिंग की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह मौजूदा एशियन गेम्स में भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली एथलीट बनीं। उन्होंने फाइनल में 28 अंक हासिल कर नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।
खेतों से शूटिंग रेंज तक पहुंची नीरू
नीरू का सफर हरियाणा से मध्य प्रदेश तक पहुंचा। शूटिंग में आगे बढ़ने के दौरान उनका परिवार शिवपुरी में बस गया। भारतीय सेना में महिलाओं की भर्ती शुरू होने के बाद नीरू कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस में शामिल हुईं। इसके बाद उन्हें इंदौर के पास महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल की आर्मी मार्कस्मैनशिप यूनिट (AMU) के लिए चुना गया।
यह यूनिट सेना के मिशन ओलंपिक्स विंग के तहत काम करती है और निशानेबाजी के लिए सेना के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल है। नीरू फिलहाल नायब सूबेदार के पद पर हैं और जल्द ही सूबेदार के पद पर प्रमोशन मिलने की उम्मीद है।
भाई को देखकर शूटिंग में बढ़ी दिलचस्पी
नीरू ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने ममेरे भाई लक्ष्य श्योराण और परिवार को दिया। लक्ष्य खुद भारत के जाने-माने ट्रैप शूटर हैं। नीरू के मुताबिक, 2018 एशियन गेम्स में लक्ष्य को ट्रैप स्पर्धा में सिल्वर जीतते देखने के बाद उनकी इस खेल में दिलचस्पी बढ़ी। उन्होंने बताया कि लक्ष्य ने ही पहली बार उनके हाथ में बंदूक थमाई थी। इसके बाद परिवार और उनके कोच ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने में मदद की। नीरू का गोल्ड भारतीय महिला ट्रैप शूटिंग के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले किसी भारतीय महिला निशानेबाज ने एशियन गेम्स में ट्रैप या स्कीट की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था।
2010 में भारत के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीता
नीरू ने क्वालिफिकेशन में 118 अंक हासिल किए और कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालिफिकेशन में गेम्स रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले पुरुष ट्रैप में रणधीर सिंह ने 1978 में और पुरुष डबल ट्रैप में रोंजन सोढ़ी ने 2010 में भारत के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था। नीरू ने इन खेलों में सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो पदक हासिल किए। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने कुल 328 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता। चीन की टीम 346 अंक के साथ गोल्ड और कुवैत की टीम 325 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीतने में सफल रही। इस तरह नीरू की उपलब्धि ने भारतीय शूटिंग के साथ-साथ सेना के लिए भी एक खास उपलब्धि दर्ज की है।
Read More
दिल्ली को बड़ा तोहफा! आज खुलेगा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर, अमित शाह करेंगे उद्घाटन

