ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इतिहास में पहली बार पाकिस्तान दुनिया का आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देश बन गया है। कभी भारत के खिलाफ आतंकी गुटों को बढ़ावा देने वाला यह देश आज खुद अपनी नीतियों का शिकार हो रहा है। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने भी इस स्थिति पर तंज कसते हुए लिखा कि अपने घर के पीछे सांप पालने वालों को वही सांप एक दिन डस लेता है। पाकिस्तान द्वारा लगभग 50 साल पहले जिहादी संगठनों को हथियार देने की नीति का नतीजा अब इस रूप में सामने आ रहा है।
گھر کے پچھلے صحن میں سانپ پالنے کا نتیجہ یہی ہوتا ہے کہ ایک دن گھر والوں کو بھی ڈستے ہیں۔ پاکستان نے پچاس برس پہلے انتہا پسند جہادیوں کو مسلح کرنا شروع کیا تھا۔ اب پاکستان دہشت گرد حملوں کا نشانہ بننے والے ممالک میں سب سے اوپر ہے۔ ہے کوئی سبق سیکھنے والا؟ pic.twitter.com/zJ7cSD1NSw
— Husain Haqqani (@husainhaqqani) September 25, 2026
वर्ष 2025 में बढ़ीं आतंकी घटनाएं और मौतें
इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में पाकिस्तान में कुल 1,045 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,139 लोगों की जान चली गई। आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह लगातार छठा ऐसा साल रहा जब पाकिस्तान में आतंकवादी मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया भर में आतंकवाद का प्रभाव कम हुआ है—2025 में वैश्विक स्तर पर मौतों में 28 फीसदी गिरावट (5,582 मौतें) और घटनाओं में 22 फीसदी कमी (2,944 घटनाएं) देखी गई, लेकिन पाकिस्तान की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही।
टीटीपी बना पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा नासूर
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में होने वाली कुल मौतों में से 56 फीसदी के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जिम्मेदार है। इस संगठन ने अकेले 595 हमलों को अंजाम दिया, जिनमें 637 लोगों की जान गई। जिस चरमपंथी नेटवर्क को पाकिस्तान ने कभी पनाह दी थी, वही आज उसके लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा बन चुका है।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित
पाकिस्तान के पश्चिमी राज्य इस हिंसा की सबसे बड़ी मार झेल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में देश के 74 फीसदी से अधिक आतंकवादी हमले और 67 फीसदी मौतें केवल बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा इलाकों में दर्ज की गईं। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर आतंकी संगठनों की गतिविधियां और हिंसा काफी बढ़ गई हैं।
बीएलए का घातक ट्रेन हाईजैक हमला
इसके अलावा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की बढ़ती हिंसक गतिविधियां भी चिंता का कारण बनी हैं। वर्ष 2025 में बीएलए के उग्रवादियों ने क्वेटा के पास रेलवे ट्रैक पर हमला कर एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। इस वारदात में ट्रेन में सवार 442 लोगों को बंधक बनाया गया था। इस भीषण हमले में 21 मासूम बंधकों, 4 सैन्यकर्मियों और 33 विद्रोहियों की मौत हुई थी।

