Phanthong Thirakhanon: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में थाईलैंड के गणेश भक्त पंथौन थीरखानोन का विशेष जिक्र किया। उन्होंने भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था और वर्षों से किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए बताया कि पंथौन के प्रयासों से थाईलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हुई है।
‘फ्रा फिकानेत’ नाम से पूजे जाते हैं गणेश
भगवान गणेश की लोकप्रियता भारत तक सीमित नहीं है। पीएम मोदी ने बताया कि थाईलैंड में भगवान श्री गणेश की पूजा ‘फ्रा फिकानेत’ के रूप में की जाती है। इसी आस्था से जुड़े पंथौन थीरखानोन ने गणेश परंपराओं के अध्ययन और प्रचार-प्रसार में लंबा समय बिताया है।
19 साल की उम्र में शुरू हुई भक्ति
पंथौन की गणेश भक्ति की शुरुआत तब हुई, जब वह 19 वर्ष के थे। पीएम मोदी के मुताबिक, उस समय उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश की एक फोटो भेंट की थी। इसी के बाद उनके मन में भगवान गणेश के प्रति गहरी आस्था विकसित हुई और आगे चलकर उन्होंने गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्ययन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया।
चार दशक से ज्यादा समय से कर रहे अध्ययन
पंथौन थीरखानोन भगवान गणेश से जुड़ी परंपराओं का अध्ययन करते हुए चार दशक से भी अधिक समय बिता चुके हैं। इस दौरान उन्होंने भारत और नेपाल सहित एशिया के कई देशों की यात्रा की। भारत में महाराष्ट्र से उनका विशेष लगाव रहा है और अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वह कई बार महाराष्ट्र भी आए।
थाई श्रद्धालुओं में लोकप्रिय हुई अष्टविनायक यात्रा
अष्टविनायक परंपरा से प्रभावित होकर पंथौन ने थाईलैंड के श्रद्धालुओं के बीच इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनके प्रयासों के बाद थाईलैंड में भी श्रद्धालुओं के बीच अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हुई है।
चियांग माई में बनाया गणेश म्यूजियम
पंथौन ने वर्ष 2002 में उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना की। यह संग्रहालय भगवान गणेश से जुड़ी कला और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आज 10 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएं मौजूद होने की बात पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में बताई।
भारत नहीं आ पाने वालों के लिए भी अष्टविनायक
इस म्यूजियम में अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी रखी गई हैं, ताकि जो श्रद्धालु भारत की यात्रा नहीं कर पाते, वे वहां इन प्रतिमाओं के दर्शन और पूजा कर सकें। यहां हर रविवार सुबह करीब 10 बजे भगवान गणेश की पूजा-अर्चना होती है। गणपति से जुड़े विशेष अवसरों पर भी धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
भारत की संस्कृति का दिखा वैश्विक प्रभाव
पीएम मोदी ने पंथौन थीरखानोन के प्रयासों को भारत की आस्था, कला और सांस्कृतिक परंपराओं के दूसरे देशों तक पहुंचने का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, गणेश भक्ति के जरिए भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी सामने आता है।
PM मोदी ने दी गणपति बप्पा के आशीर्वाद की कामना
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने गणेश उत्सव की चर्चा करते हुए भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और शुभ कार्यों के आरंभ का प्रतीक बताया। उन्होंने देशवासियों के लिए कामना की कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर हमेशा बना रहे।
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