मेरठ में अनधिकृत निर्माण और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को मेरठ के जोन-ए में चिन्हित 16,726 अवैध या अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पहले चरण में इन संपत्तियों को खाली कराने और सील करने का आदेश दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग भी गठित किया है। आयोग मेरठ के बाहरी इलाके उल्देपुर में अवैध आवासीय कॉलोनियों के विकास और प्रशासन की भूमिका की जांच करेगा।
अकेले जोन-ए में मिले 16 हजार से ज्यादा निर्माण
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष पी. गुरु प्रसाद की ओर से दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति पर चिंता जताई। रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ को चार जोन में बांटकर सर्वे कराया गया है। जोन-ए में 16 टीमों ने सर्वे किया और 16,726 निर्माणों को पूरी तरह अवैध या अनधिकृत पाया। इनमें 12,907 आवासीय, 874 आवासीय और गैर-आवासीय दोनों तरह के और 2,945 गैर-आवासीय निर्माण शामिल हैं। पीठ ने कहा कि इन सभी परिसरों को पहले खाली कराया जाए और फिर सील किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि कुछ अवैध निर्माण जर्जर हो सकते हैं और उनके गिरने से लोगों की जान को खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए कार्रवाई में देरी नहीं की जानी चाहिए।
44 सील संपत्तियों में 20 पर चला बुलडोजर
उल्देपुर से जुड़ी रिपोर्ट में बताया गया कि 44 संपत्तियों को पहले ही सील किया जा चुका था। इनमें से 20 को ध्वस्त भी किया जा चुका है और उनके कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बाकी 24 संपत्तियों को भी जल्द गिराने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 44 में से 38 संपत्तियों के भवन नक्शे स्वीकृत थे, लेकिन बाद में उनमें अतिरिक्त और अनधिकृत निर्माण किया गया।
तीन जोन की रिपोर्ट अगली सुनवाई में देनी होगी
सुप्रीम कोर्ट ने जोन-बी, जोन-सी और जोन-डी में अवैध निर्माण की स्थिति पर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने अधिकारियों को चारों जोन में जरूरी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यायिक आयोग यह जांच करेगा कि मेरठ विकास प्राधिकरण पांच साल से अधिक समय तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर सका और इसी दौरान उल्देपुर जैसे इलाकों में अनधिकृत कॉलोनियां कैसे विकसित होती रहीं।
अदालत ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर अवैध और जर्जर निर्माणों के कारण किसी निर्दोष व्यक्ति की जान जाती है। अगली सुनवाई में सभी जोन की स्थिति रिपोर्ट पेश की जाएगी।
Read More
जेल में बंद इमरान खान का जलवा! प्रदर्शन रोकने में उड़ेंगे पाकिस्तान सरकार के 100 करोड़ रुपये


[…] मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों पर सुप्रीम … […]