Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। कई जिलों में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि मकानों, फसलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
शोपियां में बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात
शोपियां जिले में बादल फटने के बाद रिहायशी इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं कुपवाड़ा और शोपियां में अचानक आई बाढ़ से कई गांव पानी में डूब गए, जबकि फसलों और लोगों की संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
बांदीपोरा और कुपवाड़ा में भी बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश के बीच बांदीपोरा जिले में भी बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। इससे पहले कुपवाड़ा में सोमवार को बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ में एक महिला की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, तेज जलप्रवाह की चपेट में आने से यह हादसा हुआ। इसके बाद बांदीपोरा में भी बादल फटने से हालात और बिगड़ गए।
पुंछ में फ्लैश फ्लड
पुंछ जिले में बेतार नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण चार लोग बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलने पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और स्थानीय लोगों ने संयुक्त अभियान चलाकर देर रात सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत अभियान के दौरान बाढ़ में फंसे 15 मवेशियों को भी बचाया गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चले इस ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
राजौरी में उफान पर नदियां
लगातार बारिश के चलते राजौरी में नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए हैं और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। राजौरी और पुंछ में कई मकान ढहने की भी खबर है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ में भी संकट
डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही और अन्य जरूरी सेवाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं।
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