पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल(West Bengal) इकाई के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया है कि राज्य सरकार जल्द विधानसभा में एक विधेयक पेश कर सकती है। इसमें राज्य का नाम ‘पश्चिम बंगाल’ से बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने का प्रस्ताव होगा।
समिक भट्टाचार्य ने यह बात कूच बिहार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। उनसे वाराणसी में प्रस्तावित ‘पश्चिम बंग भवन’ को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी के जवाब में उन्होंने राज्य के नाम में बदलाव को लेकर सरकार की संभावित योजना का जिक्र किया।
‘इतिहास से जोड़ने के लिए होगा नया नाम’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, ‘पश्चिम बंग’ नाम रखने का उद्देश्य राज्य को उसके ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार इसी विधानसभा सत्र में नाम बदलने से संबंधित विधेयक ला सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगे राज्य के लिए ‘बांग्ला’ या ‘पश्चिम बंगाल’ जैसे नामों के बजाय ‘पश्चिम बंग’ नाम इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, नाम बदलने की प्रक्रिया के लिए विधानसभा में विधेयक पेश होने और उसके आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने की जरूरत होगी।
वाराणसी में बनेगा ‘पश्चिम बंग भवन’
समिक भट्टाचार्य ने वाराणसी में ‘पश्चिम बंग भवन’ बनाए जाने की योजना की भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, राज्य के संस्कृति और पर्यटन विभाग ने केंद्र सरकार तथा कूच बिहार के राजपरिवार के वंशजों के साथ मिलकर इस भवन के निर्माण की योजना तैयार की है। यह भवन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रस्तावित है जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर माना जाता है।
बीजेपी नेता के मुताबिक, इस परियोजना को राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल राज्य के नाम में बदलाव को लेकर अंतिम स्थिति विधानसभा में प्रस्ताव और उसके बाद होने वाली आधिकारिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।