अमेरिका के लॉस एंजेलिस में रहने वाली चीनी बिजनेसवुमन सारा जेन हो अपने चार महीने के बेटे को शांत कराने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाती हैं। उनका कहना है कि जब उनका बेटा ‘बेबी जे’(Chinese child) लगातार रोता है और सामान्य तरीकों से शांत नहीं होता, तब वह हनुमान चालीसा चलाती हैं। सारा के मुताबिक, चालीसा सुनने के कुछ ही समय बाद बच्चा शांत होने लगता है और कई बार सो भी जाता है। सारा का भारत से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है और वह खुद भी कभी भारत नहीं आई हैं।
उन्होंने बताया कि अमेरिका के चर्चित बर्निंग मैन फेस्टिवल के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय दोस्त से हुई थी। उसी दोस्त ने उन्हें हनुमान चालीसा के बारे में बताया। इसके बाद जब भी उनका बच्चा परेशान या बेचैन होता सारा ने चालीसा सुनाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह उनके बच्चे की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।
कुछ सेकंड में शांत होने का दावा
करीब 40 वर्षीय सारा का दावा है कि चालीसा का असर कई बार बहुत जल्दी दिखाई देता है। उनके अनुसार, बच्चा करीब पांच सेकंड में शांत होने लगता है और लगभग दो मिनट में उसकी आंख लग जाती है। हालांकि, यह सारा का व्यक्तिगत अनुभव है और इससे किसी चिकित्सकीय प्रभाव का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
भारतीय परंपरा ने बनाई बच्चे की दिनचर्या में जगह
सारा चीन और अमेरिका से जुड़ी हैं जबकि उनके बच्चे की रोजमर्रा की जिंदगी में भारत की धार्मिक परंपरा का एक पाठ खास जगह बना चुका है। वह अब सुबह भी हनुमान चालीसा सुनाती हैं और कई बार इसे लगातार चलाती रहती हैं।
सारा की यह कहानी सोशल मीडिया पर इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रही है क्योंकि एक चीनी-अमेरिकी परिवार में भारतीय धार्मिक पाठ एक छोटे बच्चे को शांत कराने की निजी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।