दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में आसमान की ऊंचाइयों पर ऐसा खौफनाक हादसा देखने को मिला, जिसे याद कर आज भी यात्रियों की रूह कांप जाती है।
विमान के सफर के दौरान कॉकपिट के भीतर अचानक को-पायलट ने कैप्टन पर जानलेवा हमला कर दिया। 170 से अधिक यात्रियों और क्रू मेंबर्स से भरे इस विमान में अधिकांश इजरायली नागरिक सवार थे। इस डरावनी घटना की प्रत्यक्षदर्शी बनीं ताली बेर्कोविच-मानेस ने उस मंजर की पूरी आपबीती साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही पलों के भीतर एक सामान्य और खुशनुमा सफर चीख-पुकार और दहशत में बदल गया।
अचानक गोता खाने लगा प्लेन और खुली कॉकपिट
ताली बेर्कोविच-मानेस के अनुसार, वह फ्लाइट के शौचालय के बाहर अपनी छह साल की बेटी नीना का इंतजार कर रही थीं। उसी दौरान उन्हें कॉकपिट के भीतर से कुछ असामान्य और डरावनी आवाजें सुनाई देने लगीं। जब तक वह कुछ समझ पातीं, विमान अचानक हवा में गोता खाने लगा, जिससे असंतुलित होकर वह जमीन पर गिर पड़ीं। इसी आपाधापी के बीच कॉकपिट का दरवाजा खुला और सामने का दृश्य देखकर ताली के होश उड़ गए। कॉकपिट के अंदर को-पायलट एक कुल्हाड़ी से कैप्टन पर ताबड़तोड़ वार कर रहा था। यह देखकर ताली की चीख निकल पड़ी और उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया।
भारतीय मूल के कैप्टन ने दिखाई बहादुरी
इस खौफनाक हमले में विमान के कैप्टन स्मित मछार, जो कि भारतीय मूल के हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनके इस कदम से समय रहते बाहर मौजूद यात्रियों और क्रू का ध्यान अंदर चल रहे हमले की ओर गया। ताली के पति त्सविका मानेस ने तुरंत अपनी बेटी नीना को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अन्य बहादुर यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू करने के लिए कॉकपिट की तरफ दौड़ पड़े।
सऊदी अरब में हुई विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
विमान में मौजूद यात्रियों ने काफी मशक्कत के बाद हमलावर को दबोच लिया और उसे बेअसर कर दिया। इसके बाद फ्लाइट में मौजूद दूसरे पायलटों ने संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभाला और विमान का मार्ग बदलते हुए उसे सऊदी अरब के ताबूक में सुरक्षित उतार लिया। इस तरह कैप्टन की बहादुरी और यात्रियों की तत्परता से 170 से ज्यादा लोगों की जान सकुशल बच सकी।
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