भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड-बॉल यानी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद अब वह मैदान पर कभी भी लाल गेंद से प्रथम श्रेणी मैच खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। चहल ने अपने करियर का आखिरी रेड-बॉल मुकाबला हाल ही में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर काउंटी टीम नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। हालांकि, 36 वर्षीय इस दिग्गज स्पिनर ने यह साफ कर दिया है कि वह सीमित ओवरों के प्रारूप यानी व्हाइट-बॉल क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट डेब्यू का नहीं मिला मौका
युजवेंद्र चहल का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेना उनके प्रशंसकों के लिए एक भावुक क्षण है, क्योंकि भारत के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें अपने करियर में कभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर नहीं मिला। चहल ने सफेद गेंद के प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 72 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) और 80 टी-20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मुकाबले खेले हैं। कई वर्षों तक सीमित ओवरों के खेल में भारत के मुख्य स्पिनर रहने के बाद भी लाल गेंद के अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में उनका डेब्यू कभी नहीं हो सका।
लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर हैं चहल
चहल पिछले कुछ समय से भारतीय राष्ट्रीय टीम की चयन प्रक्रिया से भी बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारतीय जर्सी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के दौरे पर खेला था, जिसके बाद से उन्हें टीम में मौका नहीं मिल सका है। अब रेड-बॉल प्रारूप से संन्यास लेने के बाद उनका पूरा ध्यान टी-20 और वनडे क्रिकेट पर केंद्रित रहेगा। चहल आगामी दौरों और लीग क्रिकेट में सफेद गेंद से अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए दिखाई देंगे।
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