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जिस बैल को बेटे की तरह पाला, उसकी मौत पर किसान ने आंगन में बनवा दी प्रतिमा, भावुक कर देगी ये अनोखी कहानी

महाराष्ट्र(Maharashtra News) के पुणे जिले के भोर तालुका से किसान और उसके बैल के बीच गहरे रिश्ते की एक भावुक कहानी सामने आई है। उतरौली गांव के किसान और बैलगाड़ी मालिक अजय विट्ठल शिवतारे ने अपने बैल ‘शाहिर’ को परिवार के सदस्य की तरह पाला था। बैल की मौत के बाद उसका बिछड़ना किसान के लिए इतना भावुक पल रहा कि उन्होंने उसकी याद को हमेशा के लिए संजोने का फैसला किया।

शाहिर की मृत्यु के बाद अजय ने अपने घर के आंगन में उसकी प्रतिमा स्थापित करवाई। प्रतिमा लगाने से पहले विधि-विधान से पूजा की गई। इस मौके पर आसपास के गांवों के किसान और पुणे-सतारा जिलों से आए कई बैलगाड़ी मालिक भी मौजूद रहे। किसान का कहना है कि बैल सिर्फ खेती का साधन नहीं होता। वह लंबे समय तक परिवार के साथ रहता है और उसके साथ एक भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। यही वजह है कि शाहिर की मौत ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया।

13 बैलों को कराया भोजन

शाहिर की याद में आयोजित कार्यक्रम में अजय ने 13 बैलों को पारंपरिक रूप से रनपोली का नैवेद्य भी खिलाया। इसके बाद वहां मौजूद बैलगाड़ी मालिकों का सम्मान किया गया। गांव के लोगों के बीच इस आयोजन की काफी चर्चा हो रही है।

दूर-दूर से प्रतिमा देखने पहुंच रहे लोग

अजय द्वारा अपने बैल की याद में बनाई गई प्रतिमा अब लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। आसपास के इलाकों के अलावा दूसरे गांवों से भी लोग उतरौली पहुंचकर प्रतिमा देख रहे हैं और उसकी तस्वीरें ले रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अजय ने शाहिर के प्रति जिस तरह अपना लगाव और सम्मान दिखाया, वह किसान और पशु के बीच बने मजबूत रिश्ते को दर्शाता है। भोर तालुका में अब अजय और शाहिर की यह कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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