Defence Minister Rajnath Singh on Pakistan: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश अपनी ‘आतंकवाद की सरकारी नीति’ जारी रखता है, तो भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
शांति और कायरता में अंतर
दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी दूसरे देश से टकराव या उसकी जमीन पर कब्जा नहीं चाहता। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि शांति और कायरता को एक नहीं समझा जाना चाहिए। रक्षा मंत्री के मुताबिक भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा के मामले में पीछे नहीं हटेगा।
आतंकवाद पर बातचीत की शर्त
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत बातचीत में विश्वास करता है। भारत बातचीत में यकीन रखता है, लेकिन अगर कोई देश भारत के ख़िलाफ़ आतंकवाद को पनाह देता है, तो बातचीत की गुंजाइश वहीं खत्म हो जाती है। भारत के आधिकारिक रुख में भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात लगातार सामने आई है।
पीएम मोदी के बयान का जिक्र
रक्षा मंत्री ने बिश्केक में हुए 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति बनाते हैं और आतंकवादियों को पनाह व समर्थन देते हैं, उन्हें यह स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक हथियार नहीं हो सकता।
राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर
राजनाथ सिंह ने कहा कि दूसरे देशों के साथ भारत के ऑपरेशन और सहयोग राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सहयोग और ऑपरेशन के पक्ष में है, लेकिन राष्ट्रीय हितों की कीमत पर नहीं। उनका कहना था कि भारत वैश्विक स्थिरता चाहता है, लेकिन अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करके नहीं।
‘थ्यूसिडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र
रक्षा मंत्री ने भारत की वैश्विक स्थिति पर बात करते हुए ”थ्यूसिडाइड्स ट्रैप” की अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि जब कोई देश तेजी से आगे बढ़ता है, तो उसका सामना अक्सर पहले से स्थापित शक्तिशाली देशों से होता है। उनके अनुसार बदलाव चाहने वाली शक्ति और यथास्थिति बनाए रखने वाली शक्ति के बीच टकराव का यह पैटर्न इतिहास में कई बार देखने को मिला है।
आतंकवाद पर भारत सख्त
राजनाथ सिंह के हालिया बयानों में भी आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख सामने आया है। सितंबर 2026 में रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि भारत की आतंकवाद-रोधी नीति ‘strategic containment’ और ‘deterrence by denial’ से आगे बढ़कर ‘deterrence by punishment’ की दिशा में विकसित हुई है।
सुरक्षा से समझौता नहीं
राजनाथ सिंह के बयान का मुख्य संदेश यह है कि भारत शांति, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करता है, लेकिन आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कार्रवाई, सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता को प्रमुख तत्व बताया है।
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