एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा(Parvinder Singh Jhota) का अंतिम संस्कार 26 दिन बाद उनके पैतृक गांव में किया गया। चकेरिया रोड स्थित उनके खेत में दोपहर करीब 2:30 बजे सिख रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। उनके पार्थिव शरीर को घर से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर सुबह चंडीगढ़ से एंबुलेंस के जरिए मानसा लाया गया। रास्ते में अलग-अलग जगहों पर लोगों ने फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मानसा के तिकोनी चौक पर चल रहे धरने के दौरान भी उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद शव को उनके घर ले जाया गया जहां पत्नी मनप्रीत कौर, मां अमरजीत कौर और बच्चों ने अंतिम दर्शन किए। बाद में पार्थिव शरीर को सेंट्रल पार्क के बाहर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान रागी सिंहों ने कीर्तन किया और अंतिम संस्कार से पहले सिख परंपरा के अनुसार अरदास की गई। इसके बाद उनके बच्चों ने पिता को मुखाग्नि दी।
कई राजनीतिक हस्तियां अंतिम संस्कार में पहुंचीं
परविंदर सिंह झोटा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और उन्हें याद किया। अंतिम संस्कार में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, पार्टी विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और पूर्व विधायक हरदेव अर्शी सहित कई लोग मौजूद रहे।
पिता ने की नशे के खिलाफ मुहिम जारी रखने की अपील
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने युवाओं से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब युवा खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास भी नशे की बिक्री नहीं होने देंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परविंदर सिंह ने नशे के खिलाफ जो अभियान शुरू किया था, उसे आगे भी जारी रखा जाएगा। उनके पिता ने इस मामले में एसएसपी वैभव चौधरी के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
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