केंद्र सरकार ने जनगणना(Census 2027) के दूसरे चरण का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के चुनिंदा क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का कार्य 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस संबंध में भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त की ओर से अधिसूचना जारी की गई है जिसमें पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी गई है।
जनगणना का मुख्य कार्य पूरा होने के बाद 1 से 5 अक्टूबर तक समीक्षा (रिव्यू) चरण आयोजित किया जाएगा ताकि यदि कहीं कोई जानकारी छूट गई हो या उसमें सुधार की आवश्यकता हो तो उसे पूरा किया जा सके। इसके अलावा लोगों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी जिससे नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
बाकी राज्यों में कब होगी जनगणना?
सरकार के अनुसार, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से प्रभावित तथा विशेष समय-चक्र वाले इलाकों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तय की गई है। वहीं, देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया अगले वर्ष शुरू किए जाने की संभावना है।
स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना
यह स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना होगी और इसे दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। इस बार पहली बार जनसंख्या गणना के दौरान जाति से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं को अधिक सटीक तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस बड़े अभियान के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसे देश की अब तक की सबसे व्यापक और बड़ी जनगणना प्रक्रिया माना जा रहा है।