Fire Breaks Out in Jalandhar Civil Hospital: पंजाब के जालंधर सिविल अस्पताल में मंगलवार तड़के बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6 बजे अस्पताल के गायनी वार्ड में आग लगने से पूरे कमरे में धुआं भर गया। उस समय वार्ड में 20 गर्भवती महिलाएं भर्ती थीं, जिनका धुएं के कारण दम घुटने लगा और वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने समय रहते स्थिति को भांप लिया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन, पैरामेडिकल स्टाफ और फायर ब्रिगेड की मदद से सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जूनियर डॉक्टरों की सतर्कता से बचीं जानें
घटना के समय वार्ड में जूनियर डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने धुआं फैलते ही तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची और एक-एक कर सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित वार्ड से बाहर निकाला गया। समय पर शुरू किए गए राहत कार्य के कारण कोई जनहानि नहीं हुई।
शीशे तोड़कर अंदर पहुंची फायर ब्रिगेड
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी अस्पताल पहुंच गई। हालांकि तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि वार्ड का दरवाजा खोलना संभव नहीं था। ऐसे में दमकल कर्मियों ने शीशे तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। उनकी तुरंत कार्रवाई से आग को आगे फैलने से रोक लिया गया।
AC में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
गर्भवती महिलाओं के परिजनों के अनुसार, गर्मी अधिक होने के कारण एयर कंडीशनर पर लगातार कूलिंग का दबाव था। इससे AC गर्म हो गया और उसकी वायरिंग पिघलने लगी, जिसके बाद शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते AC से काले धुएं का गुबार निकलने लगा और आग ने आसपास रखे सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रिश्तेदारों में मची अफरा-तफरी
वार्ड में धुआं भरते ही भर्ती महिलाओं के परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने शोर मचाकर अस्पताल स्टाफ को सतर्क किया। पूरे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि जूनियर डॉक्टर लगातार मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे। समय रहते सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
बेड, गद्दे और बिजली के उपकरण जलकर राख
अस्पताल के सुरक्षा इंचार्ज ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी मरीज और नवजात सुरक्षित हैं। हालांकि आग की चपेट में आने से वार्ड में रखे बेड, गद्दे, बिजली के उपकरण और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गए। आग की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कमरे की दीवारें भी काली पड़ गईं।
5 मिनट में पहुंची अस्पताल की सीनियर टीम
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही ऑन ड्यूटी डीएनबी (DNB) रेजिडेंट डॉक्टर ने तुरंत मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) नमिता घई और गायनी इंचार्ज डॉ. बरिंदर को सूचित किया। सूचना मिलते ही अस्पताल की सीनियर टीम महज पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी शुरू कर दी।
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