Anantnag Terror Attack: कश्मीर के अनंतनाग में श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की शहादत के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित कर तलाशी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि हेड कांस्टेबल की शहादत बेकार नहीं जाएगी और इस हमले में शामिल हर आतंकी और उसके सहयोगियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
घटनास्थल-CCTV से मिले अहम सुराग
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, हमले के बाद घटनास्थल की गहन जांच की गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई है। जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर हमलावर की पहचान जल्द होने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन सुरागों से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
हमले के बाद अनंतनाग शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा उत्तर और मध्य कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। मोबाइल व्हीकल चेक पॉइंट्स (MVCP) स्थापित कर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि संदिग्धों के आने-जाने पर नजर रखी जा सके।
इन इलाकों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने अनंतनाग के कई संवेदनशील इलाकों को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इनमें जंगलातमंडी, खाह बाजार, अछाबल अड्डा, दांतर, बांगीदार, मेहमान मोहल्ला, चीनी चौक, मलकनाग, रेशी बाजार, शीरपोरा, गंजीवारा शामिल हैं। इसके अलावा कोकरनाग से सिंथन पास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
OGW नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा
सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के बाद आतंकियों की मदद करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। अब तक करीब चार हजार से अधिक संदिग्धों और OGW को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। वहीं उत्तरी कश्मीर के सोपोर, बारामुला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में भी जगह-जगह नाके लगाकर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
पहलगाम हमले के बाद भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भी सुरक्षाबलों ने OGW नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाया था। उस दौरान 5000 से अधिक OGW को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से करीब 200 के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत कार्रवाई की गई।
वहीं सितंबर 2025 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन महादेव के तहत कुलगाम निवासी मोहम्मद यूसुफ कटारी (26) को गिरफ्तार किया था। वह पेशे से शिक्षक था और जांच में सामने आया था कि उसने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की थी।
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