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Ayurveda Day 2026: अमेरिका से यूरोप तक आयुर्वेदिक उत्पादों का बज रहा डंका, 150 देशों में आज मनाया जा रहा आयुर्वेद दिवस

Ayurveda Day 2026: भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का प्रभाव अब देश की सीमाओं से आगे तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया के 150 देशों में आज, 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। अमेरिका और यूरोप में भारतीय आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। चीन भी इन उत्पादों के प्रमुख विदेशी बाजारों में शामिल है।

अमेरिका बना सबसे बड़ा विदेशी बाजार

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में आयुष और हर्बल उत्पादों के निर्यात में अमेरिका सबसे आगे रहा। इस दौरान अमेरिका को 151.57 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,272 करोड़ रुपये के आयुष एवं हर्बल उत्पादों का निर्यात किया गया। जर्मनी, इटली और चीन भी भारतीय उत्पादों के प्रमुख बाजारों में शामिल रहे।

प्रमुख देशों को कितना निर्यात हुआ

वर्ष 2025-26 में प्रमुख देशों को हर्बल और आयुष उत्पादों के निर्यात का आंकड़ा इस प्रकार रहा:

  • अमेरिका- 5.157 करोड़ डॉलर

  • जर्मनी- 6.432 करोड़ डॉलर

  • इटली- 3.608 करोड़ डॉलर

  • यूएई- 3.243 करोड़ डॉलर

  • वियतनाम- 2.457 करोड़ डॉलर

  • फ्रांस- 24.53 करोड़ डॉलर

  • चीन- 1.627 करोड़ डॉलर

जर्मनी और इटली में भी मजबूत मांग

अमेरिका के बाद भारतीय आयुष एवं हर्बल उत्पादों की मांग जर्मनी और इटली जैसे यूरोपीय देशों में भी देखने को मिली। वर्ष 2025-26 में जर्मनी को 64.32 मिलियन डॉलर और इटली को 36.08 मिलियन डॉलर के आयुष एवं हर्बल उत्पाद निर्यात किए गए। इससे यूरोपीय बाजार में भारतीय हर्बल उत्पादों की बढ़ती पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।

चीन भी प्रमुख बाजारों में शामिल

चीन में भी भारतीय आयुष और हर्बल उत्पादों की अच्छी मौजूदगी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में चीन को 16.27 मिलियन डॉलर यानी करीब 137 करोड़ रुपये के उत्पाद निर्यात किए गए। इस तरह चीन भी भारतीय आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों के प्रमुख विदेशी बाजारों में शामिल है।

इलाज के नए प्रोटोकॉल पर काम

दुनियाभर में आयुर्वेद के बढ़ते चलन के बीच सरकार अब आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धति को साथ लेकर इलाज के प्रोटोकॉल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य अलग-अलग बीमारियों के इलाज में दोनों चिकित्सा पद्धतियों की संभावनाओं का इस्तेमाल करना है।

मधुमेह से कैंसर तक पर फोकस

सरकार की योजना मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के इलाज में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के उपचार को साथ इस्तेमाल करने पर काम करने की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने अमर उजाला से बातचीत में इस संबंध में जानकारी दी।

2030 तक बाजार दोगुना करने का लक्ष्य

आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की वैश्विक मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए 2030 तक इस बाजार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। आयुर्वेद दिवस के मौके पर भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के वैश्विक विस्तार और बढ़ते निर्यात को इसके बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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