जयपुर के आमेर में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद टूरिस्ट गाइड(Amer Tourist guide) मनीष सोनी की मौत की खबर सामने आई है। इस खबर के आने के बाद से ही पूरे जयपुर में हड़कंप मच गया है और लोगों के अंदर गुस्सा देखने को मिल रहा है 7 सितंबर को मावठा सरोवर के पास हुए हमले में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके पेट में चाकू लगा था जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने के कारण इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। मिली जानकारी के मुताबिक, मावठा सरोवर पर मनीष सोनी और एक जीप चालक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
विवाद बढ़ने पर आरोप है कि जीप चालक ने मनीष पर चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई थी।घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और टूरिस्ट गाइड्स में नाराजगी थी। मनीष की मौत की खबर सामने आने के बाद यह आक्रोश और बढ़ गया। लोगों ने आमेर के बाजार बंद कर विरोध जताया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
बड़ी संख्या में लोगों का प्रदर्शन
मनीष की मौत के बाद आमेर में विरोध तेज हो गया। स्थानीय लोगों और टूरिस्ट गाइड्स ने बाजार बंद कराकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आमेर जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
परिवार ने रखीं 7 मांगें
पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी और डेयरी आवंटित करना शामिल है। परिवार आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई और मामले में जल्द से जल्द कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहता है।
इसके अलावा आमेर महल और आसपास अवैध वाहन संचालन पर रोक, आमेर थाने के पूरे स्टाफ को हटाने, SHO और जांच अधिकारी के निलंबन तथा परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग भी की गई है। परिवार का आरोप है कि पहले शिकायत दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई थी। अब प्रदर्शनकारियों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है।