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भारत और मॉरीशस के बीच 5 साल का फ्यूल समझौता, IOC पेट्रोल, डीजल और ATF के पूरे आयात की करेगा सप्लाई

भारत और मॉरिशस ने अपनी एनर्जी पार्टनरशिप को मज़बूत करने के लिए पाँच साल का समझौता किया है। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) मॉरिशस को पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उसकी पूरी आयात ज़रूरत की सप्लाई करेगा।

IOC और मॉरिशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन (STC) के बीच यह समझौता पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की 20-21 अगस्त को इस द्वीप देश की यात्रा के दौरान हुआ। इस लंबे समय के समझौते का मकसद मॉरिशस के लिए फ्यूल की भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करना और साथ ही ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव और रुकावटों के असर को कम करना है।

सरकार ने कहा कि यह समझौता हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया के बाहर किसी भारतीय पब्लिक-सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनी द्वारा किया गया पहला लंबे समय का विदेशी सप्लाई समझौता है। भारत, जो एक बड़े रिफाइनिंग हब के तौर पर उभरा है, अपनी 23 रिफाइनरियों के ज़रिए हर साल लगभग 267 मिलियन टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट बनाता है और रिफाइंड फ्यूल का नेट एक्सपोर्टर बना हुआ है।

भारत-मॉरिशस के बीच व्यापक एनर्जी सहयोग

फ्यूल समझौते के साथ-साथ, भारत और मॉरिशस ने तेल और गैस के क्षेत्र में व्यापक सहयोग के लिए सरकार-से-सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए। इस फ्रेमवर्क में पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई, टेक्निकल ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और बायोफ्यूल पर सहयोग शामिल है। इस पार्टनरशिप को एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से भी बढ़ावा मिल रहा है।

पुरी और मॉरिशस के एनर्जी और पब्लिक यूटिलिटीज़ मंत्री पैट्रिक गेरवाइस असिरवाडेन ने पोर्ट लुइस के मेर रूज में इंडिया ऑयल (मॉरिशस) लिमिटेड द्वारा बनाई जा रही 27,500 टन की मरीन बंकर फ्यूल स्टोरेज सुविधा के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया। उम्मीद है कि यह सुविधा मॉरिशस के मरीन-फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाएगी और देश की एनर्जी सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को मज़बूत करेगी।

दोनों देश वैकल्पिक फ्यूल पर भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। मॉरिशस ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस’ का संस्थापक सदस्य है, जो भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई भारत की एक पहल है। इस अलायंस ने मॉरिशस के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए साझेदारी की है।

हालिया समझौतों से मॉरिशस के साथ भारत का जुड़ाव सिर्फ़ फ्यूल एक्सपोर्ट से आगे बढ़कर एनर्जी सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और साफ़-सुथरे फ्यूल की ओर बदलाव जैसे व्यापक सहयोग तक बढ़ गया है।

 

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