HomeBreaking Newsसोने की चमक पड़ी फीकी! कच्चे तेल की आग और अमेरिकी महंगाई...

सोने की चमक पड़ी फीकी! कच्चे तेल की आग और अमेरिकी महंगाई के झटके से धड़ाम हुईं कीमतें, जानें ताजा भाव

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों, अमेरिका में जिद्दी महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की मजबूत संभावनाओं के कारण इस सप्ताह सोने और चांदी के दामों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय वायदा बाजार (MCX) में अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 0.08 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,52,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 2,34,886 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत शुक्रवार को 1,51,938 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जो पिछले सप्ताह 1,54,884 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

कच्चे तेल ने बढ़ाई महंगाई और ब्याज दरों की चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा समुद्री व्यापारिक मार्गों में बाधा की आशंकाओं के कारण पश्चिमी टेक्सास मध्यवर्ती (WTI) कच्चा तेल 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमत में केवल पांच कारोबारी सत्रों में करीब 9.6 प्रतिशत और पिछले एक महीने में लगभग 16 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। ऊर्जा की कीमतों में इस तेज उछाल ने यह आशंका बढ़ा दी है कि उच्च ऊर्जा लागतों के कारण महंगाई लंबे समय तक बनी रहेगी, जिससे फेडरल रिजर्व को सख्त मौद्रिक नीति जारी रखनी पड़ेगी। हालांकि शुक्रवार को कीमतों में हल्का सुधार देखा गया, लेकिन सोने और चांदी में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट का सिलसिला जारी रहा।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी फेड की सख्ती की उम्मीद

अगस्त के महीने में अमेरिकी मुख्य उपभोक्ता महंगाई दर में मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें सबसे बड़ा योगदान ऊर्जा लागत का रहा। इसके अलावा, उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) पर आधारित वार्षिक महंगाई दर बढ़कर 5.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो बाजार के अनुमानों से अधिक है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद 15-16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसका असर अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल पर भी दिखा, जहां 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अंतर-दिन के कारोबार में 4.975 प्रतिशत और दो-वर्षीय यील्ड 4.65 प्रतिशत के करीब पहुंच गई।

सोने की कीमतों का आगामी आउटलुक और समर्थन स्तर

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोने के लिए 4,500 से 4,530 डॉलर के स्तर पर मजबूत प्रतिरोध रहेगा, जबकि 4,340 से 4,370 डॉलर के स्तर पर इसे समर्थन मिल सकता है। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) के लिए सोने का प्रतिरोध स्तर 1,54,000 से 1,54,700 रुपये रहने की संभावना है, जबकि 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का दायरा तत्काल समर्थन के रूप में काम कर सकता है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल का रुख, अमेरिका में महंगाई दर और फेडरल रिजर्व का निर्णय ही कीमती धातुओं की भविष्य की चाल तय करेगा।

 

READ MORE: 9/11 की 25वीं बरसी पर UN में आतंकवाद पर बहस, अमेरिका ने लादेन से बगदादी तक का किया जिक्र

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments