External Affairs Minister S. Jaishankar Official Russia Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का रूस का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा आज यानी 23 अगस्त से शुरू हो रहा है। वह 23 और 24 अगस्त को रूस में रहेंगे। इस दौरान भारत-रूस संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी और विदेश मंत्री जयशंकर व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे।
रूसी उप-प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर यात्रा
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि जयशंकर रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े कई क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी।
लावरोव से भी मुलाकात करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर
जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इससे पहले जयशंकर ने जुलाई 2026 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान बैठकों के दौरान लावरोव से मुलाकात की थी।
व्यापार, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी पर फोकस
मनीला में हुई पिछली बैठक का विवरण साझा करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर कहा था, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।” उन्होंने बताया था, “हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के कई पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।”
क्या है आईआरआईजीसी-टीईसी?
एमईए के अनुसार, इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति की नियमित समीक्षा करने वाला तंत्र है। इसकी स्थापना मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के समझौते के तहत हुई थी।
1994 में हुआ था पहला सत्र
IRIGC का पहला सत्र 13 और 14 सितंबर 1994 को आयोजित हुआ था। अब तक इसके 26 सत्र हो चुके हैं। 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था, जबकि 25वां सत्र नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
भारत-रूस आर्थिक सहयोग का अहम मंच
IRIGC भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और संबंधों की समीक्षा करने वाला प्रमुख मंच है। आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री या उनके नामित मंत्री और रूसी संघ के उप-प्रधानमंत्री करते हैं। जयशंकर का मौजूदा दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
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