संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में वह UNGA हॉल के अंदर अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन देखते नजर आ रहे हैं। उस समय तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन मंच से अपना संबोधन दे रहे थे।
फोन पर क्या कर रहे थे
वायरल फुटेज में अल-शारा फोन पर शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल करते दिखाई देते हैं। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया कि वह रील्स शेयर कर रहे थे, लेकिन उपलब्ध वीडियो से यह निश्चित तौर पर स्पष्ट नहीं है कि वह कोई वीडियो देख रहे थे, उसे साझा कर रहे थे या फोन पर किसी अन्य गतिविधि में व्यस्त थे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। UNGA के उच्चस्तरीय सत्र के दौरान सामने आए इस दृश्य को कार्यक्रम के शुरुआती दिनों के हल्के-फुल्के पलों में से एक के तौर पर भी देखा गया।
👀 Well, well, well… Syrian President Ahmed al-Sharaa appears to have been caught scrolling Instagram during the UN General Assembly
In a viral video, the Syrian leader can be seen watching Reels on his phone while Turkish President Recep Tayyip Erdoğan is speaking from the…
— NEXTA (@nexta_tv) September 23, 2026
उसी समय एर्दोगन कर रहे थे वैश्विक मुद्दों पर बात
जिस समय अल-शारा फोन देख रहे थे, उसी दौरान तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन UNGA के पोडियम से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपना भाषण दे रहे थे। उन्होंने गाजा में जारी संकट और फिलिस्तीन के राज्य के दर्जे समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस उच्चस्तरीय बहस में करीब 130 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख न्यूयॉर्क में मौजूद थे।
दूसरी बार UNGA में पहुंचे अल-शारा
अहमद अल-शारा के लिए यह UNGA में दूसरी उपस्थिति है। इससे पहले 2025 में उन्होंने करीब छह दशक के अंतराल के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले पहले सीरियाई प्रतिनिधि के तौर पर हिस्सा लिया था।
असद को सत्ता से हटाने के बाद संभाली अंतरिम सत्ता
अल-शारा सीरिया में बशर अल-असद को सत्ता से हटाने वाले अभियान का नेतृत्व करने के बाद जनवरी 2025 में अंतरिम राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद से उनका फोकस सीरिया को वर्षों के संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से बाहर निकालने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के संबंधों को फिर से मजबूत करने पर रहा है। वह पश्चिमी और अरब देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने की कोशिशों में भी शामिल रहे हैं। हाल के समय में इजराइल के साथ संबंधों और गोलान हाइट्स की स्थिति से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चाओं में भी उनका नाम सामने आया है।
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