दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मंगलवार देर रात सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुलडोजर कार्रवाई की गई। मैक्स हॉस्पिटल रोड पर हुई इस कार्रवाई में मदीना मस्जिद के एक हिस्से, आसपास के कुछ मकानों और अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मस्जिद के हिस्से को गिराए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और AIMIM नेताओं ने विरोध जताया।
आधी रात की कार्रवाई पर उठे सवाल
कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मस्जिद को रात में गिराए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे असंवैधानिक बताया। जमाई ने कहा कि शालीमार बाग को सहारनपुर पार्ट-2 नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डिमोलिशन से पहले मस्जिद के इमाम को अंदर रखे दस्तावेज, कुरान और जानवर बाहर निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
अपील का दिया हवाला
मदीना मस्जिद के मुखिया मोविन खान ने कार्रवाई से पहले हुई कानूनी प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक, वकील की सलाह पर दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां हासिल करने और जवाब तैयार करने के लिए नई अर्जी दी गई थी। मदीना मस्जिद के मुखिया मोविन के अनुसार, इसके बाद MCD की ओर से लगातार नोटिस जारी किए गए, जिनमें 15 दिन के भीतर कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बाद अपीलेट ट्रिब्यूनल में मामला दायर किया गया।
#WATCH | Delhi | Morning visuals from the spot after a demolition drive was conducted by civic authorities on Max Hospital Road in Shalimar Bagh as part of an anti-encroachment drive late last night. Police forces are deployed at the scene. pic.twitter.com/S9f6HBTBGe
— ANI (@ANI) September 23, 2026
मोविन खान के मुताबिक, अपीलेट ट्रिब्यूनल में 15 तारीख को हुई पहली सुनवाई में बिजली मीटर वाली एक मंजिल को मान्यता दी गई, जबकि अन्य हिस्सों को नया निर्माण माना गया। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दीवारों पर लगे प्लास्टर की उम्र की जांच कराने और 2001 में तीन मंजिल बनाए जाने से संबंधित साइट प्लान पेश करने की बात कही गई। खान का दावा है कि इन दलीलों के बावजूद ट्रिब्यूनल ने ऊपरी मंजिलों को हटाने की अनुमति दे दी।
स्थानीय लोगों ने भी कार्रवाई पर जताई आपत्ति
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि लोगों को कार्रवाई की जानकारी मौके पर पहुंचने के बाद हुई। उनके मुताबिक, आसपास पुलिस बल और गाड़ियां देखकर लोगों को पता चला कि मस्जिद का एक हिस्सा भी गिराया जा रहा है। स्थानीय निवासी ने रात में डिमोलिशन किए जाने के तरीके पर सवाल उठाया। वहीं, यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत पहले भी इसी मार्ग पर किए गए अतिक्रमण हटाने के अभियान की कड़ी बताई जा रही है। मौके पर विरोध के बीच पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई।
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