CM Yogi on Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता” का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वाले अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि धार्मिक आयोजनों में उपद्रव, अराजकता और गुंडागर्दी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए सख्त निर्देश
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, महिला सुरक्षा और आगामी पर्व और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई भ्रामक समाचार फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसका तत्काल खंडन किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जातीय विद्वेष फैलाने की साजिशें रची जा रही हैं। ऐसे समय में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी वाली कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं, जो समाज की सकारात्मक सहभागिता को दर्शाता है।
बरेली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह स्वागतयोग्य है कि इस्लामिक समुदाय ने उर्स के अवसर पर शाकाहारी भोजन बांटने की व्यवस्था की है। साथ ही शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए इस्लाम समुदाय ने उर्स के आयोजन को सीमित दायरे में रखा है।
महिला सुरक्षा पर भी जताई चिंता
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला अपराधों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की शुरुआत से ही सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। अधिकारियों को मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
45 हजार महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। इसके अलावा शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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