सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सानिया मिस्त्री की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई कथित अश्लील और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल होने के मामले में महाराष्ट्र(Maharashtra) साइबर ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सानिया की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने इंटरनेट से आपत्तिजनक तस्वीरें हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। साथ ही, इन तस्वीरों को बनाने और सोशल मीडिया पर फैलाने वाले लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र साइबर ने संबंधित वेबसाइट को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत नोटिस जारी किया है। इसमें आपत्तिजनक तस्वीरों को जल्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऐसी सामग्री को इंटरनेट से हटाना और उसे आगे प्रसारित होने से रोकना है। साइबर अधिकारियों की कोशिश है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति की छवि और निजता को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री पर रोक लगाई जा सके।
AI जांच में सामने आई डिजिटल छेड़छाड़
महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, तस्वीरों की जांच के लिए AI आधारित डीपफेक पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जांच में तस्वीरों के साथ डिजिटल छेड़छाड़ किए जाने और उनके वास्तविक न होने की बात सामने आई।
अधिकारियों ने तस्वीरों के फर्जी और मॉर्फ्ड होने की पुष्टि के लिए आधिकारिक प्रमाण पत्र भी जारी किया है। इस तरह की तकनीकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी तस्वीर को बदलकर या AI की सहायता से भ्रामक रूप में तैयार किया गया है या नहीं।
तस्वीरें बनाने और वायरल करने वालों की तलाश जारी
महाराष्ट्र साइबर अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटा है। विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी की अनुमति के बिना उसकी अश्लील डीपफेक तस्वीरें बनाना या उन्हें साझा करना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसी सामग्री को आगे न भेजें और न ही सोशल मीडिया पर प्रसारित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला AI तकनीक के दुरुपयोग और इंटरनेट पर व्यक्तिगत निजता की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को भी सामने लाता है।