Delhi AQI: राजधानी में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। दिवाली पर पटाखे जलने से पहले ही दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 दर्ज किया गया। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का आदेश जारी किया गया है।
दिल्ली में प्रदूषण का खतरनाक स्तर
दिवाली के दिन यानी 8 नवंबर को दिल्ली की हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ रहा है। सुबह 7 बजे जहांगीरपुरी में AQI 450 दर्ज किया गया, जबकि पंजाबी बाग में यह आंकड़ा 449 तक पहुंच गया। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 384 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। कई इलाकों में AQI 400 के पार होने के कारण हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। रात में आतिशबाजी के बाद प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली के इन इलाकों में AQI 400 के पार
प्रदूषण के आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में AQI 450, पंजाबी बाग में 449, रोहिणी में 445 और चांदनी चौक में 420 दर्ज किया गया। वहीं, ITO में 396, वजीरपुर में 391, उत्तम नगर में 373 और आया नगर में 365 AQI रिकॉर्ड हुआ।
इसके अलावा बदरपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 और आनंद विहार में 344 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।
प्रदूषण से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह
बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषित हवा में सांस लेने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इसका अधिक खतरा रहता है।
कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. श्रीराम नेने ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि त्योहारों के दौरान कभी-कभार मिठाइयां खाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इनका अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। वहीं, एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मुंबई के ईएनटी सर्जन डॉ. वरुण डेव के मुताबिक, 250 के आसपास AQI वाली हवा में सांस लेना रोजाना 10 से 15 सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदेह हो सकता है। वहीं, मेदांता लखनऊ के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक टंडन ने घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने और बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला N95 मास्क पहनने की सलाह दी है।
दिल्ली में पांचवीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत बच्चों को स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ाई करने या घर से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने का विकल्प मिलेगा।
यह आदेश शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा। इसके अलावा एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूल भी इसके दायरे में आएंगे।
GRAP-3 लागू होने के बाद लिया गया फैसला
शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने के बाद लिया है। दिवाली के बीच राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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