हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी(CM Saini) ने स्वीडन सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन दौसा से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारत और स्वीडन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और हरियाणा में निवेश के नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम करना चाहती है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि मई 2025 में भारत और स्वीडन के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। इसके तहत दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ओर से शुरू की गई पहल को आगे बढ़ाना हरियाणा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार इस साझेदारी का लाभ उठाकर औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है।
ड्राई पोर्ट्स के विकास में सहयोग की योजना
बैठक में हरियाणा में मौजूद 18 ड्राई पोर्ट्स का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन सुविधाओं के विकास और बेहतर संचालन के लिए स्वीडन के साथ मिलकर काम करने की इच्छुक है। इससे माल की आवाजाही, व्यापार और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
इसके अलावा शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में कई स्वीडिश कंपनियां पहले से कारोबार कर रही हैं।
‘हैपनिंग हरियाणा’ समिट का दिया न्योता
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीडन के मंत्री बेंजामिन दौसा को ‘हैपनिंग हरियाणा’ समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। स्वीडिश मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और हरियाणा के साथ भविष्य की योजनाओं पर मिलकर काम करने की सहमति व्यक्त की।
इस मुलाकात से व्यापार, निवेश, तकनीक और कौशल विकास के क्षेत्रों में हरियाणा तथा स्वीडन के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिला है। हालांकि, प्रस्तावित योजनाओं के वास्तविक परिणाम उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।