देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर सितंबर के आखिरी सप्ताह में असर पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 22 सितंबर को हुई सुलह वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद हड़ताल का फैसला बरकरार रखा गया है।
वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत रही बेनतीजा
नई दिल्ली में डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर की मध्यस्थता में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA), वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। IBA और DFS ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है और इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों से चर्चा चल रही है। हालांकि, UFBU ने ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
‘5-डे वर्किंग’ है कर्मचारियों की मुख्य मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में केवल पांच दिन बैंक खोलने की है। मौजूदा व्यवस्था के तहत पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक काम करते हैं, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 के बाइलेटरल वेज रिवीजन एग्रीमेंट में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था पर सहमति बन चुकी थी और समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए थे। संगठन अब इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने जरूरत पड़ने पर रोजाना कामकाज का समय 30 से 45 मिनट बढ़ाने की भी बात कही है।
पहले भी हो चुकी है एक दिन की हड़ताल
यूनियनों ने इससे पहले 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल की थी। साथ ही मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। UFBU ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बातचीत से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। संगठन ने अपने सदस्यों से एकजुट रहने की अपील करते हुए तीन दिन की हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है।
पांच दिन तक ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। इससे पहले 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। ऐसे में बैंक शाखाओं से जुड़े काम लगातार पांच दिन प्रभावित हो सकते हैं।
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