Sawan Somwar 2026: भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास शुरू हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का पहला सोमवार विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार भी विशेष संयोग में पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
इन शुभ मुहूर्त में करें भगवान शिव की पूजा
सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव की पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन शुभ समय में पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक
अमृत काल- शाम 05 बजकर 07 मिनट से शाम 06 बजकर 45 मिनट तक
पूजा के लिए रखें ये जरूरी सामग्री
शिवलिंग की पूजा को सरल और अत्यंत फलदायी माना जाता है। पूजा के दौरान गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार करें। इसके अलावा बिना कटे-फटे बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, सफेद आंकड़े के फूल, चंदन, अक्षत, रोली, कलावा, जनेऊ, भस्म, धूप, दीप, कपूर, माचिस, ऋतु के फल और मिठाई भोग के लिए अवश्य रखें।
महादेव को प्रसन्न करने के आसान उपाय
यदि जीवन की परेशानियों से मुक्ति और भगवान शिव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो सावन के पहले सोमवार पर कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। शिवलिंग पर 11 या 21 बेलपत्र अर्पित करें और प्रत्येक बेलपत्र पर चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर चढ़ाएं। तांबे के लोटे में जल और थोड़ा गंगाजल मिलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर जलधारा अर्पित करें। इसके साथ ही इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या फल का दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे भगवान शिव के साथ माता पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पूजा करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष सावन का पहला सोमवार विशेष योग में पड़ रहा है, जिसे शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा में बेलपत्र, कच्चा दूध, धतूरा और गंगाजल का उपयोग अवश्य करें। साथ ही ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोष काल में की गई शिव आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करने मात्र से भी भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
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