Glasgow Commonwealth Games 2026 Closing Ceremony: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का भव्य समापन ग्लास्गो में रंगारंग क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हो गया। “अलविदा ग्लास्गो! अब अहमदाबाद में मिलेंगे, चार साल बाद।” इसी संदेश के साथ खेलों का समापन हुआ और अब 2030 में अगली मेजबानी भारत के शहर अहमदाबाद के नाम हो गई है। अंतिम समय में स्कॉटलैंड के ग्लास्गो को मिली मेजबानी को लेकर शुरुआत में कई सवाल उठे थे, लेकिन सफल आयोजन के साथ खेलों का समापन हुआ और अब पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं।

भारत को सौंपी गई कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल
क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल भारत को सौंप दी गई। इस मौके पर भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने मशाल अपने हाथों में ली। इसी के साथ ग्लास्गो की मेजबानी का समापन हुआ और इसे भारत में होने वाले अगले कॉमनवेल्थ गेम्स की औपचारिक शुरुआत मानी गई।

क्लोजिंग सेरेमनी में दिखा संस्कृति का संगम
समापन समारोह में सबसे पहले स्कॉटलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मंच पर भारत की विविध संस्कृति, इतिहास और आधुनिक पहचान की झलक दिखाई गई। समारोह की खास बात इंडो-स्कॉटिश सांस्कृतिक संगम रहा, जहां दोनों देशों के संगीतकारों और कलाकारों ने एक मंच पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। भारत ने इस अवसर पर अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक भारत की छवि भी दुनिया के सामने पेश की।

दिग्गज कलाकारों ने बांधा समां
समारोह की शुरुआत स्कॉटलैंड की गायिका सेंडी थोम, कैमी बार्न्स और ऑस्ट्रेलियाई गायिका डेल्टा गुडरेम की परफॉर्मेंस से हुई। उनके प्रदर्शन के दौरान सभी देशों के ध्वजवाहक एक-एक कर स्टेडियम में पहुंचे। भारत की ओर से स्वर्ण पदक विजेता महिला मुक्केबाज जैस्मिन लैमबोरिया ने तिरंगा थामा। इसके बाद मेजबानी हस्तांतरण परेड आयोजित हुई, जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज पूरे स्टेडियम में घुमाया गया और बाद में इसे पीटी ऊषा तथा हर्ष सांघवी को सौंप दिया गया।

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष का भी हुआ जश्न
क्लोजिंग सेरेमनी में भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष उत्सव भी मनाया गया। अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने इस अवसर पर आकर्षक प्रस्तुति दी, जबकि प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने अपने संगीत से समापन समारोह को यादगार बना दिया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हुआ और अब दुनिया की नजरें अहमदाबाद में 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं।

Read More:
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, निजी स्कूलों की फीस से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश करेगी सरकार

