Delhi HC on Paper Leak Issue: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों में तेजी से न्याय और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पीएम मोदी की घोषणा के कुछ घंटों बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरवार को नए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ (एंटी-चीटिंग लॉ) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए देश के पहले विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है।
जस्टिस अनु ग्रोवर बालीगा संभालेंगी कोर्ट की कमान
चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय के निर्देश पर जारी इस आदेश के बाद अब नए एंटी-चीटिंग कानून के तहत दर्ज सभी लंबित मामलों को तुरंत इस नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बने इस विशेष कोर्ट में जस्टिस अनु ग्रोवर बालीगा को स्पेशल CBI जज के तौर पर तैनात किया गया है। NEET, UPSC, SSC और NTA जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू इस कानून के तहत दोषियों को 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही फास्ट ट्रैक बनाने की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
दोषियों को जल्द से जल्द मिलेगी कठोर सजा
उन्होंने आगे लिखा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के तुरंत निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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