उज्जैन में शांति के कुछ समय बाद शाही मस्जिद(Ujjain Shahi Masjid) के बाहर एक बार फिर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जमा हो गए। भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
बताया गया कि रात में स्थिति शांत होने के बाद मुस्लिम समाज के कई लोग अपने घर लौट गए थे। हालांकि, सुबह होते ही लोग दोबारा शाही मस्जिद के आसपास एकत्र होने लगे। पुलिस ने पहले से ही इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी और लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए करीब 500 मीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई थी।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए शाही मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल लगाया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 2,500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है और आवश्यकता को देखते हुए दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें एसपी भी शामिल हैं, मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं।
पूरे शहर में अलर्ट
तनाव बढ़ने के बाद पूरे उज्जैन में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया है। विवाद की मुख्य वजह सड़क चौड़ीकरण की योजना बताई जा रही है।
इसके तहत उज्जैन की शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाया जाना प्रस्तावित है, जिसका मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर पुलिस और समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई थी। रात में मामला शांत होने के बाद सुबह स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई।