पंजाब के मानसा में चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड(Mansa murder case) की जांच में पुलिस ने आगे की कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार और उसके एक सहयोगी को बुधवार को मानसा की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा था। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
आरोपियों की सुरक्षा और अन्य एहतियाती कारणों को देखते हुए उन्हें अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करने और संभावित साजिश का पता लगाने के लिए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जरूरत बताई। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं। हालांकि, जांच में सामने आने वाले तथ्यों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
अन्य आरोपियों से भी पूछताछ जारी
मानसा पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य संदिग्धों और आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की योजना है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन आरोपियों को भी अदालत में पेश किया जाए।
जांच टीम का मुख्य ध्यान यह पता लगाने पर है कि हत्या की साजिश किसने रची और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की मदद किन लोगों ने की। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि मुख्य शूटरों को कहां शरण मिली और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
शूटर की गिरफ्तारी के बाद जांच में तेजी
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के सालासर से मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। अब पूछताछ के जरिए वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।