कक्षा 6 में पहुंचने वाले छात्रों के लिए इस साल पढ़ाई के साथ भाषा को लेकर भी बदलाव सामने आया। CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को राहत दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि इस बैच के छात्रों को भाषा नीति के मामले में वही छूट दी जाए जो कक्षा 7 के छात्रों को दी जा रही है। मामला 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 में तीन भाषाओं की व्यवस्था लागू किए जाने से जुड़ा है। कुछ याचिकाकर्ताओं और स्कूलों की ओर से दलील दी गई कि कई बच्चे पहले से एक तय भाषा पढ़ रहे हैं और बीच में भाषा बदलने से उन्हें परेशानी हो सकती है।
क्या है थ्री लैंग्वेज पॉलिसी?
CBSE की नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत तीन भाषाओं की पढ़ाई से जुड़ी है। कक्षा 6 से छात्रों के लिए R1, R2 और R3 के तहत भाषा चयन की व्यवस्था की गई है। दिशानिर्देशों में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को शामिल करने का प्रावधान है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कई छात्र चौथी कक्षा से ही अपनी पसंद की भाषाएं पढ़ रहे हैं। ऐसे में कक्षा 6 में पहुंचने पर अचानक भाषा बदलने की जरूरत उनके लिए शैक्षणिक मुश्किल पैदा कर सकती है। अदालत ने भी इस पहलू पर चिंता जताई और बच्चों को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर जोर दिया।
कोर्ट ने क्या निर्देश दिया?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर विचार किया है, लेकिन वह मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को इस साल से छूट देने के पक्ष में नहीं है। सरकार के मुताबिक करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और करीब 1.2 प्रतिशत स्कूलों में अभी कुछ समस्याएं हैं। वहीं, कोर्ट ने बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 के छात्रों के समान राहत देने का निर्देश दिया। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अदालत का उद्देश्य बच्चों के लिए कठिनाई बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मामले में संबंधित स्कूलों और याचिकाकर्ताओं से बात करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाने का सुझाव भी दिया।
किताबों पर भी सामने आया विवाद
सुनवाई के दौरान पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता का मुद्दा भी उठा। सरकार की ओर से बताया गया कि किताबें उपलब्ध हैं, जबकि याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन किताब उपलब्ध होना और छात्रों के पास उसकी भौतिक प्रति होना अलग बात है। CBSE की व्यवस्था के तहत R3 भाषाओं की किताबें NCERT और CBSE की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। जिन भाषाओं के लिए अलग सामग्री की जरूरत है, वहां स्कूलों को SCERT या राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त सामग्री इस्तेमाल करने की अनुमति है। फिलहाल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी खत्म नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट की राहत केवल वर्तमान कक्षा 6 के छात्रों के लिए है। मामले में आगे की सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में जवाब और उसके बाद दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने का समय दिया गया है। कोर्ट ने आगे की कार्यवाही 1 अप्रैल 2027 से करने की संभावना भी जताई है।
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