उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बदले मौसम और बर्फबारी के बीच फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। अब तक आडिन कोलपास से पांच लोगों को रेस्क्यू कर हर्षिल स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है, जिसके चलते अलग-अलग ट्रेकिंग रूट पर फंसे लोगों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर है।
136 लोगों के फंसे होने की सूचना
जानकारी के मुताबिक, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में करीब 136 पर्वतारोही और ट्रेकर्स के फंसे होने की सूचना मिली है। इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन से जुड़े 89 लोग शामिल हैं। इसके अलावा कालिंदीपास बेस कैंप पर हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग श्रेणी के 18 और आडिन कोलपास बेस कैंप में 29 लोग मौजूद बताए गए हैं। मौसम खराब होने और बर्फबारी बढ़ने के बाद प्रशासन ने अलग-अलग रूट और बेस कैंपों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया है। रविवार को रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर भी मौके पर पहुंचा।
प्रशासन ने विभागों को किया अलर्ट
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने बर्फबारी के बीच ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर गए लोगों के साथ पोर्टरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी निर्देश जारी किए। प्रशासन की ओर से विभिन्न ट्रेकिंग रूट और बेस कैंप पर मौजूद लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार रेस्क्यू टीमों को आगे भेजने की तैयारी भी रखी गई है।
भोजन और मेडिकल टीमों की व्यवस्था
मौसम की चुनौती को देखते हुए ट्रेकर्स के लिए पर्याप्त राशन, पैक्ड फूड और पेयजल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि रेस्क्यू किए जाने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। प्रशासन ने चिकित्सकों की टीमें, जरूरी दवाइयां और एंबुलेंस नजदीकी स्थानों पर तैयार रखने को कहा है। किसी ट्रैकर की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति सामने आने पर उसे बिना देरी के उपचार उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए मेडिकल व्यवस्था को रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ जोड़ा गया है।
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