ED Raid Fake ITC Case: फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने और उसे आगे पास करने के मामले में ED ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़ा मामला
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार करने का आरोप है। इन्हीं के जरिए फर्जी आईटीसी बनाया गया और उसे आगे पास किया गया।
The Enforcement Directorate is conducting searches at nine premises in Muzaffarnagar, Ghaziabad, and Faridabad under the provisions of the Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002, in the case of fraudulent availment and passing of bogus Input Tax Credit (ITC): Officials
— ANI (@ANI) August 24, 2026
फर्जी कंपनियों से सर्कुलर ट्रांजेक्शन का खुलासा
जांच के दौरान कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन किए जाने का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी भी की गई। ईडी अब इन कंपनियों के बीच हुए लेनदेन और पैसों की आवाजाही की कड़ियों को खंगाल रही है।
ITC गलत तरीके से हासिल करने का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) गलत तरीके से हासिल करने की बात सामने आई है। इसके अलावा 10.28 करोड़ रुपये का ITC आगे पास किए जाने का भी आरोप है। जांच एजेंसियां इन लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं।
सरकारी खजाने को राजस्व नुकसान का दावा
अधिकारियों का कहना है कि फर्जी तरीके से ITC लेने और आगे पास करने की पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान हुआ। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अवैध तरीके से हासिल की गई रकम प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ‘अपराध से हुई कमाई’ (Proceeds of Crime) के दायरे में आती है।
दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच जारी
ईडी की टीम तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का फोकस फर्जी कंपनियों के नेटवर्क, उनके लेनदेन और धन के प्रवाह की पूरी कड़ी का पता लगाने पर है।
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