पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता(Mamata) बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी कर CEC ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में नियमों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
ममता ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात भी कही। ममता ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में पुलिस और अधिकारियों का गलत इस्तेमाल किया गया तथा BJP के पक्ष में काम करने वाले लोगों को चुनावी जिम्मेदारियों में लगाया गया। ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में स्थापित नहीं हैं।
पुराने वोटर लिस्ट से दोबारा चुनाव की मांग
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह चुनाव SIR से पहले की मतदाता सूची के आधार पर कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन के सहयोगी दल इस मुद्दे पर जल्द बैठक करेंगे।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से संबंधित कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे और अलग-अलग राय आंतरिक विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं।
इस पूरे विवाद के बीच SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।