नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर एक हजार से अधिक बताई जा रही है, जबकि चार हजार से ज्यादा लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
चार हजार से अधिक लोगों की तलाश जारी
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हजारों लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल मुश्किल परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। कई गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शवों के अंतिम संस्कार में भी मुश्किलें
तबाही का मंजर इतना भयावह है कि कई इलाकों में शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। हालात को देखते हुए कुछ स्थानों पर शवों को जंगलों में दफनाने की नौबत आ गई है। लगातार खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया है।

पहाड़ों में पहले कभी नहीं देखी ऐसी बर्बादी: बालेन शाह
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस भीषण आपदा पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में इस तरह की तबाही पहले कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है।

राहत-बचाव कार्यों के सामने बड़ी चुनौती
बाढ़ से सड़कें, पुल और कई महत्वपूर्ण रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते बचावकर्मियों को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाना है।

नेपाल में इस आपदा के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और मृतकों व लापता लोगों की संख्या में आगे भी बदलाव हो सकता है।

