Kanwar Yatra 2026 Date: सावन माह के आगमन के साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा की शुरुआत होगी। इस दौरान शिव भक्त गंगाजल लेकर भगवान शिव के मंदिरों में पहुंचते हैं और जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करते हैं। हरिद्वार, देवघर, काशी और उज्जैन समेत प्रमुख शिवधामों में पूरे सावन माह ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजते हैं। कुछ स्थानों पर कांवड़ यात्रा सावन शिवरात्रि तक चलती है, जबकि कुछ जगहों पर यह पूरे श्रावण मास तक जारी रहती है।
कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा?
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में श्रावण कृष्ण प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8:05 बजे शुरू होकर 30 जुलाई को रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ 30 जुलाई, गुरुवार से माना जाएगा। इसी दिन से शिव भक्त कांवड़ लेकर अलग-अलग शिवधामों की ओर रवाना होंगे।
दिल्ली-NCR और देवघर में कितने दिन चलेगी यात्रा?
दिल्ली-NCR में कांवड़ यात्रा सावन कृष्ण प्रतिपदा यानी 30 जुलाई से शुरू होकर सावन कृष्ण चतुर्दशी यानी 11 अगस्त, सावन शिवरात्रि तक चलेगी। वहीं झारखंड के देवघर में कांवड़ यात्रा पूरे श्रावण मास तक जारी रहेगी। यहां यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त, श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होगी।
जलाभिषेक के लिए कौन से दिन हैं सबसे शुभ?
सावन माह का प्रत्येक दिन भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि कांवड़िये विशेष रूप से सावन सोमवार, सावन शिवरात्रि और प्रदोष जैसे शुभ योगों में जलाभिषेक करना पसंद करते हैं। इस साल 10 अगस्त को सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इसके अलावा 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि और 17 अगस्त को सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग भी रहेगा।
सावन के प्रमुख व्रत और जलाभिषेक की तिथियां
3 अगस्त, सोमवार को पहला सावन सोमवार रहेगा। 10 अगस्त, सोमवार को दूसरा सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का संयोग बनेगा। 11 अगस्त, मंगलवार को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। 17 अगस्त, सोमवार को तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी का पर्व होगा। 24 अगस्त, सोमवार को चौथा सावन सोमवार रहेगा, जबकि 25 अगस्त, मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त, शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के साथ सावन माह का समापन होगा।
शिवधामों में उमड़ेगी भक्तों की भीड़
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार, देवघर, काशी और उज्जैन समेत देश के प्रमुख शिव मंदिरों में लाखों महादेव के भक्तों के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना करेंगे। सावन माह में पूरे देश में शिवभक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
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