Hormuz Strait: ईरान और ओमान के बीच होर्मुज से जुड़े नए समुद्री रास्ते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को टेलीग्राम पर शेयर किए गए एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने कैबिनेट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता को लगभग पूरा होने की स्थिति में बताया है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा मार्ग से अलग एक नए समुद्री रास्ते पर समझौते के बेहद करीब हैं।
नए रास्ते पर क्या बोले प्रवक्ता
ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में इस्माइल बाकेई ने कहा, “हम अब एक ऐसे रास्ते पर सहमति बनाने जा रहे हैं, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो। न उत्तरी रास्ता और न दक्षिणी रास्ता, बल्कि एक ऐसा रास्ता जो दोनों पक्षों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करे और हमारे राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा करे।”
होर्मुज खुलने से नहीं जोड़ा समझौता
हालांकि ईरान ने साफ किया है कि ओमान के साथ नए शिपिंग रूट पर बनने वाली सहमति का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज दोबारा खोल दिया जाएगा। इस्माइल बाकेई ने कहा, “नए रूट को लेकर ईरान और ओमान के बीच बनी सहमति का होर्मुज के फिर से खुलने या उसके बंद रहने से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि होमुर्ज के बंद रहने के पीछे अमेरिका द्वारा वादा तोड़ना और ईरान की अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी प्रमुख कारण हैं।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से अलग देशों तक पहुंचता है। इसका उत्तरी हिस्सा ईरान से जुड़ा है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के समुद्री क्षेत्र में आता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है।
संघर्ष के बाद बढ़ा था तनाव
फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से इस होमुर्ज पर ईरान का प्रभाव काफी बढ़ गया था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। जवाब में ईरान ने खाड़ी में मौजूद अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद अप्रैल में दोनों पक्षों ने हमले रोकने पर सहमति जताई और जून में संघर्ष विराम को औपचारिक रूप दिया। हालांकि होर्मुज में शिपिंग को लेकर विवाद बढ़ने के कुछ ही सप्ताह बाद संघर्ष विराम टूट गया और जुलाई में दोनों पक्षों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई।
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