Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव का असर एक बार फिर दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर दिखाई दिया है। कतर से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर जा रहे एक टैंकर पर होर्मुज से गुजरते समय प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इस घटना के बाद होर्मुज से LNG की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने की टैंकर की पहचान
सिक्योरिटी इंटेलिजेंस फर्म वैनगार्ड टेक और मारिस्क ने प्रभावित जहाज की पहचान ‘गैसलग शंघाई LNG टैंकर’ के रूप में की है। वहीं, UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने पहले ही चेतावनी जारी करते हुए बताया था कि ओमान के तट के पास रात के समय जलडमरूमध्य में एक जहाज से जुड़ी घटना हुई है। हालांकि, उस समय जहाज की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। UKMTO के मुताबिक, अब तक इस घटना का पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इस समुद्री मार्ग पर खतरा अभी भी बना हुआ है।
कब रवाना हुआ था जहाज?
ब्लूमबर्ग और केप्लर के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह LNG कैरियर करीब 27 जुलाई को कतर से गैस का शिपमेंट लेकर रवाना हुआ था। 31 जुलाई को होर्मुज के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास पहुंचने के बाद जहाज ने सिग्नल भेजना बंद कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमला उसी दौरान हुआ, जब जहाज से कोई सिग्नल नहीं मिल रहा था। जहाज को चलाने वाली ग्रीस की कंपनी गैसलॉग ने भी पुष्टि की कि सामान्य कामकाजी घंटों के बाद जहाज से संपर्क टूट गया था।
प्रोजेक्टाइल टकराने से ठप हुई बिजली
गैसलॉग की प्रवक्ता के मुताबिक, Gaslog Shanghai के शिपिंग मैनेजर ने पुष्टि की है कि जहाज से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल टकराया, जिससे उसकी बिजली व्यवस्था ठप हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और प्रोजेक्टाइल से लगी आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। फिलहाल जहाज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दुनिया की LNG सप्लाई पर असर की आशंका
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण होर्मुज से LNG की सप्लाई पहले से ही प्रभावित है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक LNG सप्लाई के लगभग पांचवें हिस्से के परिवहन का प्रमुख रास्ता माना जाता है। जुलाई की शुरुआत में भी कतर के एक LNG टैंकर पर होर्मुज के पास हमला हुआ था, जिसके बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े LNG निर्यातक को करीब तीन सप्ताह तक इस मार्ग से शिपमेंट रोकना पड़ा था।
किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
UKMTO ने एक अलर्ट में बताया कि एक और टैंकर ने अपने पास पानी में विस्फोट होने की सूचना दी, हालांकि उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वहीं, इसी सप्ताह की शुरुआत में उत्तरी मिस्र के डामिएटा बंदरगाह पर Gaslog Salem नामक LNG कैरियर पर ड्रोन हमला भी हुआ था। सुरक्षा कंपनियों के अनुसार, यह हमला बुधवार को हुआ, लेकिन अब तक किसी संगठन या समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
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