शनिवार तड़के जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत कई जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ऑनलाइन तरीके से आतंकवाद को बढ़ावा देने, लोगों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती करने वाले एक कथित नेटवर्क के सिलसिले में की गई।
ये बड़े ऑपरेशन बारामूला, शोपियां, अनंतनाग, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में चलाए गए। ये छापे ऐसी खुफिया जानकारी मिलने के बाद मारे गए कि आतंकी संगठन घाटी में अपने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं।
सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
शोपियां में उस्मान गुलज़ार के घर पर छापा मारा गया, जो अभी जम्मू की जेल में बंद है। कुपवाड़ा में पुलिस ने बाबर डार नाम के व्यक्ति के घर पर छापा मारा, उस पर सोशल मीडिया के ज़रिए प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। बांदीपोरा में लाली नाम की महिला के घर पर ऑनलाइन कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के मामले में छापा मारा गया।
ये छापे एक ऐसे मामले से जुड़े हैं जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का व्यवस्थित तरीके से गलत इस्तेमाल करके आतंकवाद को महिमामंडित किया जा रहा था और युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा था। सुरक्षा तंत्र से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हुई टारगेटेड किलिंग की घटनाओं के बाद एजेंसियों ने पूरी घाटी में 5,000 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान, स्लीपर मॉड्यूल को फिर से सक्रिय करने और डिजिटल भर्ती अभियान को बढ़ाने की कोशिशों के बारे में अहम सुराग मिले। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आतंकवादी नैरेटिव को बढ़ावा देने और आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को भर्ती करने के लिए नकली सिम, एन्क्रिप्टेड ऐप और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से सख्ती से निपटा जा रहा है।”
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