उत्तराखंड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले 9 लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों के बैंक खातों में जुलाई 2026 की पेंशन राशि पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ₹146 करोड़ 32 लाख 50 हजार की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी। सरकार का कहना है कि पेंशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, ताकि बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य पात्र लाभार्थियों को पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9,87,017 पेंशन लाभार्थियों को जुलाई माह की पेंशन के रूप में ₹146.32 करोड़ से अधिक की राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास… pic.twitter.com/r328AJb9So
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 8, 2026
6.15 लाख बुजुर्गों को मिली वृद्धावस्था पेंशन
जुलाई में पेंशन वितरण में सबसे बड़ा हिस्सा वृद्धावस्था पेंशन का रहा। प्रदेश के 6,15,628 बुजुर्ग लाभार्थियों को ₹1,500 हर महीने की दर से कुल ₹92.34 करोड़ की राशि दी गई। वहीं, 2,36,983 विधवा पेंशन लाभार्थियों को ₹1,500 हर महीने की दर से करीब ₹35.54 करोड़ का भुगतान किया गया। इसके अलावा अन्य पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को भी निर्धारित राशि का भुगतान किया गया।
2.15 लाख पेंशनरों को SNA स्पर्श से भुगतान
इस बार पेंशन वितरण में डिजिटल भुगतान व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) से जुड़े करीब 2.15 लाख पेंशनरों को भी इस भुगतान में शामिल किया गया। इन लाभार्थियों को अब SNA स्पर्श प्रणाली के जरिए पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे – CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग सरकार के परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग व्यक्ति को पेंशन पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा, “पात्र नागरिकों को उनका अधिकार सम्मानपूर्वक, समय पर और बिना परेशानी के मिले, यही सरकार का संकल्प है।”
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