Russia Sanctions: अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार 7 जुलाई को रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक अहम बिल को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव का मकसद रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाकर मॉस्को की कमाई पर दबाव बनाना और यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए रूस को मजबूर करना है। बिल में भारत और चीन जैसे देशों पर भी 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।
बिल का बदला गया नाम
सीनेट में पेश किए जाने से पहले इस बिल का नाम बदलकर ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ कर दिया गया। इसे पूर्व अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। पिछले महीने उनकी अचानक मौत हो गई थी।
इन 5 देशों पर लग सकता है 100% टैरिफ
प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर 100% टैरिफ लगाने की शक्ति देता है, जो रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच आयातक हैं। इस सूची में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि इस फैसले से रूस को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से होने वाली आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दबाव बढ़ेगा।
अभी कानून नहीं बना है बिल
सीनेट से मंजूरी मिलने के बावजूद यह बिल अभी कानून नहीं बना है। अब इसे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। हालांकि, सितंबर की शुरुआत से पहले इस पर मतदान होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कांग्रेस फिलहाल छुट्टियों पर है। प्रतिनिधि सभा की बैठक 31 अगस्त से शुरू होगी।
पुतिन और सैन्य कमांडरों पर भी कार्रवाई
प्रस्ताव में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शीर्ष सैन्य कमांडरों के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा उन पर वीजा बैन भी लगाया जा सकता है। रूस के निर्यात पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान भी बिल में शामिल है।
ईरान पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
रूस के अलावा यह बिल ईरान के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान करता है। इसके तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाने की बात कही गई है।
दोनों पार्टियों ने किया समर्थन
बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों पार्टियों के सीनेटरों का समर्थन मिला। दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसे आगे बढ़ाया था। सीनेट में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े। केंटकी के रैंड पॉल अकेले रिपब्लिकन सीनेटर थे, जिन्होंने इसका विरोध किया। वहीं, 10 डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने भी इसके खिलाफ मतदान किया।
ब्लूमेंथल ने बताया बड़ा फैसला
वोटिंग के बाद सीनेटर ब्लूमेंथल ने पत्रकारों से कहा, “ग्राहम को इस बात पर गर्व होता कि हमने क्या किया है।” उन्होंने कहा, “ये कड़े प्रतिबंध और टैरिफ उन सभी लोगों को रोक देंगे, जो बहादुर और आजाद लोगों के खिलाफ इस जानलेवा युद्ध में शामिल हैं।”
ट्रंप के अधिकारों को लेकर उठे सवाल
हालांकि, कुछ डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने इस बिल को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ से जुड़े नए अधिकार मिल सकते हैं और वह इन शक्तियों का मनमाना इस्तेमाल कर सकते हैं। उनके मुताबिक, ट्रंप पहले भी टैरिफ से जुड़े अपने अधिकारों का इस्तेमाल इसी तरह कर चुके हैं।
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