HomeCurrent Newsबिना फल-फूल, सिर्फ बालू से किया पिंडदान... जानिए माता सीता के उस...

बिना फल-फूल, सिर्फ बालू से किया पिंडदान… जानिए माता सीता के उस रहस्यमयी सच की पूरी कहानी

Pitru Paksha 2026 Mata Sita Gaya Pind Daan Katha: बिहार का गया यानी गयाजी हिंदू धर्म में पितरों के श्राद्ध और पिंडदान के लिए प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान देशभर से श्रद्धालु यहां अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पहुंचते हैं। इस बार पितृपक्ष की शुरुआत 27 सितंबर 2026, रविवार से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा।

गया में पिंडदान से जुड़ी मान्यता

गया में पिंडदान की परंपरा को माता सीता और राजा दशरथ से जुड़ी एक पौराणिक कथा से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी को राजा दशरथ के निधन का समाचार मिला। पिता के निधन से भगवान राम बेहद दुखी हुए और उनका श्राद्ध-पिंडदान करने के लिए भगवान राम और लक्ष्मण जी गया पहुंचे।

फल्गु नदी के किनारे पहुंचे भगवान राम

धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान राम और लक्ष्मण जी ने गया पहुंचकर फल्गु नदी के किनारे राजा दशरथ के पिंडदान की तैयारी शुरू की। पिंडदान के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने दोनों वहां से चले गए। इसी बीच पिंडदान का शुभ समय बीतने लगा और तभी कथा में एक महत्वपूर्ण प्रसंग आता है।

राजा दशरथ की आत्मा ने किया आग्रह

मान्यता के अनुसार, राजा दशरथ की आत्मा ने माता सीता से पिंडदान करने का आग्रह किया। माता सीता ने कहा कि पिंडदान करने का अधिकार पुत्र को होता है और भगवान राम अभी वहां मौजूद नहीं हैं। तब राजा दशरथ की आत्मा ने उन्हें बताया कि अब वह उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके हाथों से किया गया पिंडदान भी स्वीकार होगा।

बालू से बनाया पिंड

समय निकलता देख माता सीता ने फल्गु नदी के किनारे उपलब्ध सामग्री से ही पिंड बनाने का निर्णय लिया। वहां उन्हें रेत यानी बालू मिली। मान्यता है कि माता सीता ने उसी बालू से पिंड तैयार किए और अपने ससुर राजा दशरथ का पिंडदान किया। इसी वजह से फल्गु नदी के किनारे पिंडदान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

इन छह को बनाया साक्षी

कथा के अनुसार, माता सीता ने पिंडदान के साक्षी के तौर पर फल्गु नदी, गाय, ब्राह्मण, कौआ, तुलसी और अक्षयवट को माना था। बाद में जब भगवान राम और लक्ष्मण जी वापस लौटे तो माता सीता ने उन्हें बताया कि वह राजा दशरथ का पिंडदान कर चुकी हैं।

साक्षियों से मांगा प्रमाण

भगवान राम को यह जानकर आश्चर्य हुआ और उन्होंने पिंडदान होने का प्रमाण पूछा। इसके बाद माता सीता ने वहां मौजूद सभी साक्षियों से सच बताने के लिए कहा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, अक्षयवट को छोड़कर बाकी साक्षियों ने माता सीता के पिंडदान की पुष्टि नहीं की। इससे माता सीता नाराज हुईं और उन्होंने झूठ बोलने वाले साक्षियों को अलग-अलग श्राप दिया।

फल्गु नदी को मिला श्राप

लोकमान्यता के अनुसार, माता सीता ने फल्गु नदी को श्राप दिया कि उसका जल ऊपर से दिखाई नहीं देगा और नदी की सतह सूखी नजर आएगी। आज भी फल्गु नदी के कई हिस्सों में ऊपर रेत दिखाई देती है, जबकि उसके नीचे जलधारा मिलने की बात कही जाती है। इसी वजह से फल्गु नदी और माता सीता की यह कथा आज भी गया के धार्मिक इतिहास का अहम हिस्सा मानी जाती है।

गया में आज भी परंपरा जारी

पितृपक्ष के दौरान गया में होने वाले श्राद्ध और पिंडदान को इसी पौराणिक परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। फल्गु नदी, अक्षयवट और गया क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु अपने पितरों के लिए कर्मकांड करते हैं। हालांकि माता सीता द्वारा बालू से पिंडदान और साक्षियों को श्राप देने की बातें धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं का हिस्सा हैं।

Read More:

‘गर्लफ्रेंड ने बात करना कर दिया था बंद…’ ब्रेकअप से बौखलाए सनकी आशिक ने बीच सड़क पर प्रेमिका को घोंपा चाकू

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments