पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा(Parvinder Jhota) के मामले में करीब 23 दिनों से चला आ रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। चंडीगढ़ स्थित PGI में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अब मानसा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसे देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
परिवार और सरकार के बीच सहमति बनने के बाद परिजन पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। समझौते के तहत पंजाब सरकार पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी। इसके अलावा झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का भी फैसला हुआ है। इसके बाद परिवार ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर में हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक मेडिकल स्टोर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह लंबे समय से इलाके में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। उनकी हत्या के बाद पंजाब के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
परिजनों ने इस मामले में सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग भी की थी। परिवार करीब 23 दिनों तक अनशन पर बैठा रहा।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसका फार्मासिस्ट पंजीकरण भी रद्द किया गया। इसके अलावा विपिन कुमार गर्ग, नीलम रानी और लाडी समेत अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला हुआ। इसके बाद नवंबर के पहले सप्ताह में सरकार और परिवार के बीच सहमति बनी।
पंजाब की राजनीति में भी गरमाया नशे का मुद्दा
परविंदर झोटा की हत्या के बाद पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। बीजेपी राज्यभर में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है।
वहीं कांग्रेस की इंसाफ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने भी पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर सवाल उठाए। फिलहाल सभी की नजरें झोटा के अंतिम संस्कार और CBI जांच की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
[…] परविंदर झोटा का पोस्टमार्टम आज हुआ पू… […]
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