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दिल्ली में नकली नोटों की सप्लाई का पर्दाफाश, 2.65 लाख की जाली करेंसी बरामद

दिल्ली(Delhi) में नकली भारतीय करेंसी की सप्लाई करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की पहाड़गंज थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 2 लाख 65 हजार 100 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी बिहार से नकली नोटों की खेप लेकर दिल्ली पहुंचे थे और यहां इन्हें बाजार में खपाने के लिए खरीदार तलाश रहे थे। पुलिस को 5 नवंबर को सूचना मिली थी कि पहाड़गंज इलाके में दो लोग नकली नोटों की सप्लाई करने के इरादे से मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई।

एसआई एस.एन. ओझा के नेतृत्व में टीम ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नीलम गेस्ट हाउस में छापा मारा। यहां से दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी 36 वर्षीय दिनेश कुमार झा और 20 वर्षीय सतीश कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से 500, 200, 100 और 50 रुपये के नकली नोट मिले। नोटों की जांच के लिए क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।

नकली नोट के बदले असली रुपये लेने की थी योजना

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी नकली करेंसी बेचने के लिए दिल्ली आए थे। उनकी योजना एक लाख रुपये के जाली नोटों के बदले 25 से 30 हजार रुपये की असली करेंसी लेने की थी। हालांकि, ग्राहक मिलने से पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों ने पूछताछ में S नाम के एक व्यक्ति से नकली नोट मिलने की बात कही है। पुलिस अब इस कथित सप्लायर की पहचान करने और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

पहले भी दर्ज हो चुका है नकली करेंसी का मामला

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी दिनेश कुमार झा का नाम पहले भी नकली नोटों से जुड़े मामले में सामने आ चुका है। साल 2023 में उसके खिलाफ पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में मामला दर्ज हुआ था।

फिलहाल दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां तैयार किए गए, दिल्ली तक कैसे पहुंचाए गए और इस अवैध कारोबार में इनके अलावा कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच का मकसद नकली करेंसी की पूरी सप्लाई चेन का खुलासा करना है।

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