मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में विकास परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 ने जुल्फिकार बेहलीम के नेतृत्व वाले गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को एक ठेकेदार से 25 लाख रुपये की रंगदारी लेते समय रंगे हाथों पकड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और निगरानी के बाद की गई।
ठेकेदारों को धमकाकर वसूली
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह पश्चिमी उपनगरों में चल रहे स्थानीय विकास कार्यों और रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े ठेकेदारों को निर्माण कार्य रोकने और जान से मारने की धमकी देकर पैसे मांगता था। इससे कई परियोजनाओं का काम भी प्रभावित हो रहा था। इस मामले को लेकर भाजपा विधायक अमित साटम और पराग अलवानी के अलावा शिवसेना विधायक सुनील प्रभु और वरुण सरदेसाई ने भी पुलिस के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी दहशत बढ़ाने के लिए करते थे। गिरोह के सदस्य हथियारों, लग्जरी कारों और आपराधिक छवि वाले वीडियो व रील्स साझा कर इलाके में अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश करते थे, ताकि लोग डरकर रंगदारी देने के लिए मजबूर हो जाएं।
MCOCA के आरोपी भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में जुल्फिकार बेहलीम और उसका भाई मोहसीन बेहलीम भी शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों को पहले महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा दोनों हत्या के दो अलग-अलग मामलों में जमानत पर बाहर आए थे। पुलिस का आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने फिर से गिरोह को सक्रिय कर रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश की।
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