राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली(Delhi) में इन दिनों कई बड़े मुद्दों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच संसद का मानसून सत्र भी चल रहा है जिससे राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन गया है। बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती का फैसला किया है।
सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 कंपनियों को दिल्ली भेजने का आदेश दिया है। इन जवानों को हवाई मार्ग के जरिए राजधानी लाया जा रहा है ताकि उन्हें जल्द से जल्द संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा सके। यह फैसला राजधानी में जारी विभिन्न प्रदर्शनों और संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्यों बढ़ाई गई अतिरिक्त सुरक्षा?
अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों पर विरोध-प्रदर्शनों के दौरान तनाव और झड़प जैसी घटनाएं देखने को मिली हैं। इन्हीं हालातों को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की जरूरत महसूस की गई। इसी कारण CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजी जा रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
करीब 2,000 जवान होंगे तैनात
CRPF की एक कंपनी में लगभग 100 जवान शामिल होते हैं। इस हिसाब से 20 कंपनियों के साथ करीब 2,000 अतिरिक्त जवान दिल्ली पहुंचेंगे। जानकारी के मुताबिक, ये कंपनियां पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान वहां तैनात की गई थीं और चुनाव समाप्त होने के बाद भी राज्य सरकार के अनुरोध पर वहीं मौजूद थीं।


